डेस्क : हरिद्वार की अदालत ने एक नाबालिग बच्ची के प्रति अभिभावक की ओर से किए गए गंभीर अपराध के मामले में सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पिता को 20 वर्ष कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा दी। इसके साथ ही पीड़ित बच्ची को चार लाख रुपये मुआवजा राशि एक माह के भीतर दिए जाने का आदेश भी दिया गया।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सबूत पीड़िता द्वारा की गई मोबाइल रिकॉर्डिंग रही, जिसने न्यायालय में आरोपी के खिलाफ ठोस प्रमाण के रूप में काम किया।
पीड़िता ने अदालत में बताया कि लंबे समय तक उसे अभिभावक के असंगत व्यवहार का सामना करना पड़ा। अन्य परिजन उसकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे थे। इस मामले की जांच पुलिस ने पूरी की और चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदण्ड जमा नहीं होने पर आरोपी को तीन माह अतिरिक्त कैद भोगनी होगी। न्यायालय के निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिलाधिकारी को भेजी गई है ताकि पीड़ित को उचित सहायता और मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके।
यह मामला समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।













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