डेस्क : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में शिक्षक जैसे पवित्र पेशे को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। ओरछा थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) पर अपनी ही स्कूल की तीन नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। घटना से गुस्साए पीड़ित छात्राओं के परिजन बड़ी संख्या ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और आरोपी प्राचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी प्रिंसिपल संजीव चतुर्वेदी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया, और पीड़ित छात्राओं को जिला अस्पताल भेजकर उनका मेडिकल परीक्षण कराया।
कई दिनों से कर रहा था गलत हरकत
पीड़ित बच्चियों के माता-पिता ने बताया कि उनकी बेटियां पिछले कई दिनों से स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा गलत तरीके से छूने और गंदी हरकतें करने की शिकायतें कर रही थीं। शुरुआत में परिजनों ने बच्चियों की बात को गंभीरता से नहीं लिया और इसे सामान्य बात समझकर टाल दिया। लेकिन जब एक साथ तीन छात्राओं ने अपने साथ हुई वैसी ही हरकतों की जानकारी दी, तब परिजनों को बच्चियों की बात पर भरोसा हुआ।
बच्चियों ने खुद लिया थाने जाने का निर्णय
बच्चियों ने यह भी बताया कि वे पहले भी अपने प्रिंसिपल की हरकतों के बारे में बता चुकी थीं, लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। लगातार अनसुनी होने से परेशान छात्राओं ने स्वयं थाने जाकर शिकायत करने का निर्णय लिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण भी उनके साथ थाने पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से स्कूल में पदस्थ था और बच्चियों के साथ अकेले में अनुचित व्यवहार करता था।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की जानकारी देते हुए ओरछा थाना में पदस्थ एएसआई दीपक यादव ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा पीड़ित छात्राओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।













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