डेस्क : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिपुर में तीन साल तक हिंसा और अशांति चल रही थी, लेकिन राष्ट्रपति ने संवैधानिक दायित्वों को निभाने में कोई सक्रिय कदम नहीं उठाया।
बनर्जी ने यह भी कहा कि राम मंदिर और नए संसद भवन के उद्घाटन समारोहों में उनकी जाति के कारण उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया, जो संवैधानिक गरिमा और सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय सेना राष्ट्रपति के नियंत्रण में होती है, लेकिन बड़े सुरक्षा निर्णयों में अमेरिका की भूमिका अधिक दिखती है।
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के हालिया दौरे के दौरान भी राजनीतिक विवाद गरमाया। 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन का स्थल अचानक बदल दिया गया, जिससे कार्यक्रम में उपस्थित लोगों और आदिवासी नेताओं की नाराजगी बढ़ी। राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके मंत्री स्वागत के लिए उपस्थित नहीं हुए, जबकि TMC ने इसे राजनीतिक अपमान करार दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संस्थागत अपमान बताते हुए TMC पर हमला किया। वहीं, ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे राष्ट्रपति पद का चुनावी लाभ उठाने के लिए राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह विवाद पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले TMC और भाजपा के बीच तनाव और बढ़ा सकता है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

