डेस्क:राजस्थान उच्च न्यायालय ने पाली जिले स्थित जवाई लेपर्ड रिजर्व में अनियंत्रित पर्यटन गतिविधियों पर सख्ती दिखाते हुए नाइट सफारी और ड्रोन के उपयोग पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की गतिविधि उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि सफारी केवल सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संचालित होगी। इसके बाद किसी भी प्रकार की गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट ने टॉर्च, सर्चलाइट या अन्य उपकरणों के जरिए जानवरों को खोजने और उन्हें परेशान करने पर भी रोक लगा दी है।
अदालत ने कहा कि हाल के वर्षों में जवाई क्षेत्र में पर्यटन का दबाव तेजी से बढ़ा है, जिससे तेंदुओं समेत अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक जीवन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में अनियंत्रित गतिविधियों को रोकना जरूरी है।
साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि यदि कोई सफारी संचालक, होटल या अन्य व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि इस तरह के प्रतिबंध पहले से ही रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में लागू हैं और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से जरूरी हैं।
गौरतलब है कि जवाई लेपर्ड रिजर्व अपनी अनोखी पारिस्थितिकी और तेंदुओं की बड़ी संख्या के लिए जाना जाता है। ऐसे में अदालत का यह फैसला संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।













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