डेस्क : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपनी चुनावी रणनीति में महिलाओं को केंद्र में रखकर बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर ली है। सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर महिला मतदाताओं को साधने के लिए एक व्यापक प्लान तैयार किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा महिला सुरक्षा, स्वावलंबन, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने जा रही है। पार्टी का फोकस उन योजनाओं को और मजबूती देने पर है, जिनका सीधा लाभ महिलाओं को मिलता रहा है। उज्ज्वला योजना, कन्या सुमंगला योजना और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों को और प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति बनाई जा रही है।
सिर्फ सरकारी योजनाओं तक ही नहीं, संगठनात्मक स्तर पर भी भाजपा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में जुटी है। बूथ स्तर तक महिला कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने, उन्हें सक्रिय भूमिका देने और सीधे महिला मतदाताओं से संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता अब निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं। पिछले चुनावों में भी महिलाओं का झुकाव भाजपा की ओर देखने को मिला था, और पार्टी इसी भरोसे को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
हालांकि विपक्ष भी इस रणनीति को लेकर सतर्क हो गया है और महिला मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तेज कर सकता है। ऐसे में 2027 का चुनाव महिला मतदाताओं के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है।













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