पटना : बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब लंबे समय से मुख्यमंत्री पद पर रहे नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
राजभवन, पटना में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को इस्तीफा सौंपते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट बैठक के बाद यह निर्णय लिया। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार बिहार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी और उन्होंने नई सरकार को पूरा सहयोग देने की बात भी कही।
इधर, राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इस बदलाव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि यह बदलाव बिहार की जनता की इच्छा के अनुरूप नहीं है और इससे राज्य के शासन पर बाहरी प्रभाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली सरकार जनता के जनादेश का वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं करेगी।
वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायक दल की बैठक के बाद घोषणा की कि सम्राट चौधरी को बिहार विधानसभा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रबल हो गई है। यह पहली बार होगा जब बिहार में भाजपा के नेतृत्व में कोई मुख्यमंत्री पद संभालेगा।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की सत्ता संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। आगामी दिनों में राज्य की नई राजनीतिक दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।













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