पटना : बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राज्य के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी की डिग्री और शिक्षा से जुड़े तथ्य स्पष्ट नहीं हैं और इस पर सार्वजनिक रूप से स्थिति साफ की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उनकी शैक्षणिक जानकारी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे, जिससे संदेह की स्थिति बनी हुई है।
यह मुद्दा पहली बार नहीं उठा है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी के चुनावी हलफनामे में दी गई शैक्षणिक योग्यता पर प्रश्नचिह्न लगाया था। उस समय उन्होंने डिग्री की प्रमाणिकता की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सम्राट चौधरी को घेरने के लिए विपक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा सकता है। इसे सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
बिहार की राजनीति में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और विपक्ष इसे किस तरह से आगे बढ़ाता है।













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