पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने परिसीमन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के साथ बेहद चालाकी से परिसीमन का मुद्दा जोड़ा गया है।
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन दो अलग-अलग विषय हैं। महिला आरक्षण विधेयक पहले भी सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन उनकी पार्टी की मांग थी कि इसमें पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए, जो नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार अब इसे वर्ष 2034 में लागू करने की बात कर रही है। यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लेकर गंभीर थी, तो इसे पहले ही लागू किया जा सकता था। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि असली मुद्दा परिसीमन है, जबकि महिला आरक्षण को केवल दिखावे के लिए आगे रखा जा रहा है।
आरजेडी नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने एजेंडे को लागू करना चाहते हैं और इसी कारण संविधान तथा लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी।
उधर, लोकसभा में गुरुवार को लगभग 12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन सहित तीन विधेयक पेश किए गए। इनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 तथा परिसीमन विधेयक, 2026 भी शामिल हैं। मतदान में 333 मतों में से 251 समर्थन में और 185 विरोध में पड़े।
केंद्र सरकार की योजना 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की है। इसके लिए 2023 के कानून में संशोधन और परिसीमन प्रक्रिया को 2027 की जनगणना से अलग करने हेतु संवैधानिक संशोधन प्रस्तावित किया गया है।
विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण के शीघ्र लागू होने का समर्थन किया है, लेकिन परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध जताया है।













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