नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति में गर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों से इस ऐतिहासिक प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की “नारी शक्ति” के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए यह कदम बेहद जरूरी है और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की लगभग आधी आबादी को उसका उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने इसे केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीति-निर्माण में नई दृष्टि और संतुलन आएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करें।
गौरतलब है कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी परिसीमन और चुनावी प्रक्रिया के बाद इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह सुधार लंबे समय से लंबित था और अब इसे आगे बढ़ाने का यह सही समय है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस निर्णय को देश की महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के रूप में देखें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विधेयक पूरी तरह लागू होता है तो भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका और नेतृत्व क्षमता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।













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