डेस्क : पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत कोलकाता पुलिस के उप पुलिस आयुक्त (डीसीपी) से जुड़े परिसरों पर भी ईडी की टीम पहुंची, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी ने कोलकाता में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी की निगरानी में कुछ पुलिस अधिकारियों और उनके कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलू भी शामिल हैं। हालांकि, अभी तक ईडी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा हो सकती है, जबकि जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरी तरह साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया पर आधारित कदम है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पश्चिम बंगाल में ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस जांच में आगे क्या खुलासे सामने आते हैं और क्या यह मामला और बड़े स्तर पर राजनीतिक असर डालता है।













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