डेस्क : भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच सातवें संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ का समापन शुक्रवार को उज़्बेकिस्तान के नामगान स्थित गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में हुआ। इस अवसर पर आयोजित अंतिम सत्यापन अभ्यास (फाइनल वैलिडेशन एक्सरसाइज) में दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त संचालन क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की संयुक्त तैयारी को मजबूत करना और दोनों सेनाओं के बीच तालमेल एवं समन्वय को बढ़ाना था। अभ्यास के दौरान सैनिकों ने सामरिक अभ्यास, संयुक्त योजना निर्माण, क्षेत्रीय संचालन और आधुनिक सैन्य तकनीकों के उपयोग का अभ्यास किया।
अभ्यास में विशेष रूप से ड्रोन आधारित निगरानी, सामरिक हमलों और त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों पर जोर दिया गया। इससे दोनों सेनाओं के बीच परिचालन दक्षता और आपसी विश्वास को और मजबूती मिली।
‘डस्टलिक’ अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और तब से यह भारत एवं उज़्बेकिस्तान के बीच वार्षिक रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। यह अभ्यास बारी-बारी से दोनों देशों में आयोजित किया जाता है।
इस वर्ष के अभ्यास के सफल समापन के साथ ही भारत और उज़्बेकिस्तान ने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।













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