पटना : आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसदों में दो-तिहाई के अलग रुख अपनाने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय की घोषणा के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। इस घटनाक्रम पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
तेजस्वी यादव ने कहा, “कुछ लोग समझौता कर लेते हैं, डर जाते हैं और भाजपा में चले जाते हैं। वे या तो लालच में गए होंगे या फिर डर के कारण।”
यह बयान उस समय आया जब आम आदमी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद—राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल—ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए कहा कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों ने भाजपा में विलय का निर्णय लिया है।
प्रेस वार्ता में राघव चड्ढा ने कहा, “हमने निर्णय लिया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों के तहत खुद को भाजपा में विलय करते हैं।”
इस दौरान संदीप पाठक ने भावुक बयान देते हुए कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जीवन में ऐसी स्थिति आएगी, लेकिन यह हुआ। मैं 10 साल तक इस पार्टी का हिस्सा रहा। आज मैं आम आदमी पार्टी से अलग होकर अपनी राह चुन रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी हितों को प्राथमिकता दी और सभी राजनीतिक निर्णय उसी आधार पर लिए।
संदीप पाठक ने यह भी स्पष्ट किया, “मैं आज भाजपा में शामिल हो रहा हूं और आम आदमी पार्टी में अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष और तेज हो गया था।
पार्टी नेतृत्व और राघव चड्ढा के बीच तनाव भी खुलकर सामने आया था, जिसमें कई नेताओं ने उन पर भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप लगाए थे।
राघव चड्ढा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ “संगठित अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि एक ही भाषा और एक ही तरह के आरोप दोहराए जा रहे हैं, जो संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित हमला है।













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