डेस्क :पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। एजेंसी की यह कार्रवाई राज्य के कई जिलों में की गई, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें कोलकाता, उत्तर 24 परगना, बर्धमान और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचीं। छापेमारी उन लोगों और कारोबारी प्रतिष्ठानों पर की गई, जिन पर राशन घोटाले से जुड़ी धन शोधन गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, गरीबों के लिए आवंटित अनाज को कथित रूप से अवैध तरीके से बाजार में बेचा गया और उससे अर्जित रकम को विभिन्न माध्यमों से खपाया गया। ईडी इसी अवैध धन के स्रोत और लेन-देन की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। आरोप था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अनाज लाभार्थियों तक पहुंचने के बजाय निजी बाजार में बेच दिया गया। इसके बाद राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों की जांच के आधार पर ईडी ने धन शोधन का मामला दर्ज किया था।
चुनाव के बीच हुई इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बताया है, जबकि सत्तारूढ़ दल पहले भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है।
ईडी अधिकारियों ने फिलहाल बरामदगी और पूछताछ को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। जांच जारी है।
समाचार स्रोत : (भाषा/पीटीआई)













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