नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच “शीशमहल” विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी आवासों में “भव्य और विलासितापूर्ण” खर्च किए जा रहे हैं, जबकि आम जनता कठिनाइयों का सामना कर रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रविवार को आरोप लगाया कि कोविड-१९ महामारी के दौरान सरकारी आवासों के नवीनीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में इस तरह के खर्चों का उल्लेख सामने आया है, जिनमें महंगे पर्दे, फर्श और अन्य लग्जरी सुविधाएं शामिल हैं। पूनावाला ने इसे “शीशमहल २.०” की संज्ञा दी।
इस बीच भाजपा नेता प्रवेश साहिब सिंह ने भी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने सादगी और आम आदमी के साथ रहने का वादा किया था, वही अब बड़े सरकारी आवासों और सुविधाओं का उपयोग कर रही है। उन्होंने केजरीवाल के नए टाइप-७ सरकारी आवास को “शीशमहल पार्ट टू” बताया और आरोप लगाया कि कोविड काल में भी लाखों-करोड़ों रुपये का खर्च किया गया।
प्रवेश साहिब सिंह ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपने शुरुआती वादों के विपरीत जाकर वीआईपी सुविधाओं और सरकारी आवासों का विस्तार किया है।
वहीं आम आदमी पार्टी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा द्वारा साझा की जा रही तस्वीरें और दावे “फर्जी और भ्रामक” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाकर अरविंद केजरीवाल की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि “शीशमहल” विवाद पहली बार पिछले वर्ष सामने आया था, जब भाजपा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के ६ फ्लैगस्टाफ रोड स्थित सरकारी आवास के नवीनीकरण पर अत्यधिक खर्च किया गया है। यह मुद्दा अब एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है।













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