डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी अस्थिरता का असर कई देशों में साफ दिखाई दे रहा है, जहां पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ देशों में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 100 प्रतिशत तक और डीजल में 150 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है।
तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके चलते कई देशों में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं।
हालांकि, भारत में फिलहाल स्थिति स्थिर बनी हुई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
प्रमुख शहरों में आज के ईंधन रेट
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी कीमतों में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।
वैश्विक बढ़ोतरी के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है।
भारत में स्थिरता की वजह
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों जैसे टैक्स संरचना, सरकारी नीति और तेल कंपनियों की रणनीति के आधार पर तय होती हैं। यही कारण है कि वैश्विक उछाल का असर फिलहाल घरेलू बाजार पर सीमित रहा है।
आगे की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत में भी आने वाले समय में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल स्थिति पर सरकार और तेल कंपनियां नजर बनाए हुए हैं।













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