डेस्क : देश में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) आपूर्ति प्रणाली में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार द्वारा लागू किए गए डिजिटल सुधारों के बाद अब गैस की बुकिंग, डिलीवरी और सप्लाई व्यवस्था पहले से अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित हो गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग शत-प्रतिशत एलपीजी बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। उपभोक्ता मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट और एसएमएस के जरिए आसानी से गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इससे पारंपरिक ऑफलाइन प्रक्रिया की तुलना में समय की बचत हो रही है और सेवा अधिक सुगम बनी है।
इसी तरह, एलपीजी डिलीवरी व्यवस्था में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है। अब देशभर में अधिकांश डिलीवरी ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आधारित प्रणाली से की जा रही है। उपभोक्ता के मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी के सत्यापन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाती है। इस व्यवस्था से फर्जी डिलीवरी और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगी है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे समय पर सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
वहीं, विभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत दिल्ली में लगभग 900 से 920 रुपये के आसपास बनी हुई है, जबकि अन्य महानगरों में यह दर थोड़ी भिन्न है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी वितरण प्रणाली में किया गया यह डिजिटल परिवर्तन न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि इससे पूरी आपूर्ति व्यवस्था अधिक जवाबदेह और पारदर्शी भी बनी है।













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