डेस्क : ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ता एक बार फिर ठप हो गई है। दोनों देशों के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इस बीच रूस ने खुलकर ईरान के समर्थन का संकेत दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया है।
पुतिन और अराघची की मुलाकात
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और पश्चिमी प्रतिबंधों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद रूस ने संकेत दिया कि वह इस कठिन समय में ईरान के साथ खड़ा है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में सहयोग करेगा।
अमेरिका-ईरान बातचीत में गतिरोध
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच गहरा मतभेद बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों के रुख में नरमी न आने के कारण वार्ता आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र पर भी दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
किसी भी प्रकार की अस्थिरता से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
रूस का ईरान के प्रति समर्थन और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती खाई ने वैश्विक कूटनीतिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह तनाव और गहरा सकता है।
फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति के जरिए समाधान निकल पाएगा या स्थिति और जटिल होगी।













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