डेस्क : दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग को तभी सामान्य स्थिति में लाने पर विचार करेगा, जब अमेरिका उसकी तीन प्रमुख शर्तों को स्वीकार करे। वहीं अमेरिका ने इन शर्तों को मानने से इनकार करते हुए अपना सख्त रुख कायम रखा है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अपनी मांगों में अमेरिकी नौसेना की सैन्य मौजूदगी में कमी, ईरानी बंदरगाहों पर लगी आर्थिक और समुद्री पाबंदियों को हटाने तथा परमाणु वार्ता को फिलहाल स्थगित करने की शर्तें शामिल की हैं। तेहरान का कहना है कि क्षेत्र में तनाव कम किए बिना किसी भी तरह की राजनीतिक बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती।
दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान की इन शर्तों को अस्वीकार करते हुए कहा है कि वह दबाव की रणनीति जारी रखेगा, ताकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए तैयार हो सके। वॉशिंगटन का मानना है कि बिना पूर्व शर्तों के बातचीत ही समाधान का सही रास्ता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से की ऊर्जा आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी सीधा असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।













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