स्पोर्ट्स डेस्क : भारत में पेशेवर बास्केटबॉल को मजबूत और दीर्घकालिक आधार देने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। प्रस्तावित इंडियन बास्केटबॉल लीग (आईबीएल) को लेकर खेल विशेषज्ञ जेरेमी लोएलिगर ने कहा है कि भारत में इस खेल को केवल शुरुआत नहीं, बल्कि एक टिकाऊ और व्यवस्थित संरचना के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
लोएलिगर ने कहा कि भारत में बास्केटबॉल के प्रति युवाओं में बढ़ती रुचि को देखते हुए इसे सही दिशा देने की जरूरत है। इसके लिए मजबूत आधारभूत ढांचा, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और पेशेवर लीग मॉडल अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उद्देश्य किसी विदेशी मॉडल की नकल करना नहीं, बल्कि भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप एक स्वतंत्र और स्थायी प्रणाली तैयार करना है।
भारतीय बास्केटबॉल महासंघ और एसीजी स्पोर्ट्स के सहयोग से प्रस्तावित आईबीएल को देश में बास्केटबॉल के पेशेवर विकास की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके तहत खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
योजना के अनुसार आईबीएल का पहला सत्र वर्ष 2026 में शुरू किए जाने की संभावना है। इसके लिए देशभर में प्रतिभा चयन, प्रशिक्षण शिविर और विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल होती है, तो भारत में बास्केटबॉल एक उभरते हुए पेशेवर खेल के रूप में स्थापित हो सकता है और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मजबूत मंच मिल सकता है।











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