डेस्क : देश की तेज़ी से बढ़ती क्विक कॉमर्स कंपनी ज़ेप्टो को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सेबी की स्वीकृति के बाद अब कंपनी जल्द ही संशोधित मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करेगी, जिसमें आईपीओ के आकार, मूल्य दायरा और समय-सीमा को अंतिम रूप दिया जाएगा। बाजार सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया आने वाले कुछ सप्ताहों में आगे बढ़ सकती है।
जानकारी के मुताबिक, कंपनी का प्रस्तावित आईपीओ लगभग 8,000 से 9,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि पहले की चर्चाओं में इसका आकार इससे अधिक भी बताया गया था। यह भारत के स्टार्टअप बाजार में अब तक की प्रमुख सार्वजनिक पेशकशों में से एक माना जा रहा है।
कंपनी ने हाल के वर्षों में क्विक कॉमर्स क्षेत्र में तेज़ी से अपनी पकड़ बनाई है और देशभर में डार्क स्टोर्स के नेटवर्क के माध्यम से मिनटों में डिलीवरी सेवा को विस्तार दिया है। वर्तमान में इसका मूल्यांकन अरबों डॉलर में आंका जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में उत्साह बना हुआ है, क्योंकि यह भारत के तेजी से बढ़ते त्वरित वाणिज्य क्षेत्र की संभावनाओं को दर्शाता है। साथ ही, बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है, जिससे इस सेक्टर पर निवेशकों की नजरें और अधिक केंद्रित हो गई हैं।
अब आगे की निगाहें इस पर टिकी हैं कि कंपनी कब औपचारिक दस्तावेज दाखिल करती है और आईपीओ की कीमत तथा मूल्यांकन को लेकर क्या अंतिम निर्णय सामने आता है। आने वाले महीनों में यह कदम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम साबित हो सकता है।











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