नई दिल्ली : देश के कई हिस्सों में झुलसाने वाली गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मॉनसून को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के इस सप्ताह के अंत तक अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही मॉनसून की प्रगति सामान्य बनी हुई है और आने वाले दिनों में इसके और सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से मॉनसूनी हवाओं को मजबूती मिल रही है। इसके प्रभाव से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश शुरू हो सकती है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 13 से 18 मई के बीच भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
दूसरी ओर उत्तर और पश्चिम भारत में गर्मी का प्रकोप लगातार बना हुआ है। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। IMD ने पश्चिमी राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक भीषण लू चलने की चेतावनी दी है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इन क्षेत्रों में तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। हालांकि 15 मई के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
IMD ने मछुआरों को 16 मई तक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को भी मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।











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