डेस्क : नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने देश के युवाओं, विशेषकर नई पीढ़ी से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने का आह्वान किया।
संवाददाता सम्मेलन में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश में युवाओं ने भ्रष्ट व्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाकर सरकारों को झुकने पर विवश कर दिया था। उन्होंने प्रश्न किया कि यदि पड़ोसी देशों के युवा व्यवस्था बदल सकते हैं, तो भारत के विद्यार्थी प्रश्नपत्र लीक कराने वालों को कारागार क्यों नहीं भिजवा सकते।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद देश में अनेक बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ रहा है और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सामान्य परिवारों के बच्चे दिन-रात कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, जबकि सत्ता में बैठे लोगों के बच्चों को विदेशों में शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल जाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद देशभर में विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।











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