स्पोर्ट्स डेस्क : दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ एबी डिविलियर्स ने युवा भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि यदि वैभव सूर्यवंशी लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में अपनी क्षमता को विकसित नहीं करते, तो उनका करियर केवल टी-20 प्रारूप तक ही सीमित रह सकता है।
डिविलियर्स के अनुसार आधुनिक क्रिकेट में सफलता केवल टी-20 प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के लिए टेस्ट क्रिकेट में भी खुद को साबित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट ही किसी भी बल्लेबाज़ की तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होती है।
पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने यह भी संकेत दिया कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी यदि सभी प्रारूपों में संतुलन नहीं बना पाते, तो उनका समग्र विकास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लंबे प्रारूप में अनुभव हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के करियर को स्थायित्व प्रदान करता है।
गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट, विशेषकर टी-20 प्रारूप में अपने आक्रामक खेल से खास पहचान बनाई है। उनकी तेज़ रन बनाने की क्षमता और आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली ने उन्हें क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया है।
डिविलियर्स की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब युवा खिलाड़ियों के लिए टी-20 लीग्स में तेजी से लोकप्रियता हासिल करना और टेस्ट क्रिकेट के प्रति रुझान बनाए रखना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।











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