डेस्क : दिल्ली उच्च न्यायालय में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से जुड़े अवमानना मामले को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस पूरे प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पूनावाला ने कहा कि जो लोग संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ आचरण करते हैं, उन्हें कानून के दायरे में रहकर सख्त सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी लगातार न्यायपालिका सहित विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।
यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की ओर से कथित अवमानना संबंधी कार्यवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई। बताया जा रहा है कि यह मामला सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कथित आपत्तिजनक और भ्रामक बयानों से संबंधित है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में असहमति का अधिकार होता है, लेकिन अदालतों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को न्यायिक निर्णय से असहमति है तो उसके लिए कानूनी रास्ते खुले हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर संस्थाओं की छवि धूमिल करना स्वीकार्य नहीं है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बहस और अधिक गहराने की संभावना जताई जा रही है।













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