डेस्क : भगवंत मान ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को केंद्र सरकार की “गंभीर विफलता” करार देते हुए कहा कि इस घटना ने देश के लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों का विश्वास तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने में सरकार पूरी तरह असफल रही है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को संकट में डाल देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं के मन में व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते कठोर और प्रभावी कदम उठाए जाते तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता था। मान ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। विभिन्न विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर प्रश्न उठाते हुए इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय बताया है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
