कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच एजेयूपी प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “जब तक दुनिया रहेगी, वंदे मातरम् जीवित रहेगा।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की आत्मा और मातृभूमि के सम्मान का प्रतीक है, इसलिए इस पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
हुमायूं कबीर ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ वर्षों से स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में गाया जाता रहा है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े ऐसे विषयों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनाव बाद हिंसा के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। कबीर ने कुछ राजनीतिक आरोपों को “ड्रामा” बताते हुए कहा कि राज्य की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता विकास और शांति चाहती है, जबकि कुछ लोग अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि ‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसकी रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमुख प्रतीक बनकर उभरा था। आज भी इसे राष्ट्रीय गौरव और मातृभूमि के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है।













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