नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार से नगर निगम (एमसीडी) क्षेत्रों में ‘हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस’ के तहत डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया गया। इस अभियान के दौरान जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों से 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे और उनसे जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट, रसोई, गैस कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे का कार्य विशेष मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण तेज और अधिक सटीक हो सके।
जनगणना विभाग ने बताया कि कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और प्रत्येक टीम को तय क्षेत्रों में भेजा गया है। सर्वे के दौरान मकान की संरचना, दीवार और छत की सामग्री, घर के स्वामित्व की स्थिति तथा परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। ऐसे लोगों को एक विशेष पहचान संख्या जारी की जाएगी, जिसे सर्वे कर्मचारियों को दिखाना होगा। इससे डेटा सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी।
सरकार का दावा है कि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से डेटा संग्रहण में पारदर्शिता बढ़ेगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी। फिलहाल यह चरण निर्धारित अवधि तक जारी रहेगा, जिसके बाद अगले चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।













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