स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट में उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी जितनी आक्रामक है, उनकी सोच उतनी ही परिपक्व दिखाई देती है। आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब अपने संघर्ष और तैयारी से जुड़ा एक भावनात्मक किस्सा साझा किया है।
वैभव ने बताया कि जब भी उन्हें तेज गेंदबाजों की बाउंसर गेंदों का सामना करने में कठिनाई होती थी, तब उनके पिता उन्हें भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की कहानियां सुनाया करते थे। उनके पिता बताते थे कि गावस्कर ने उस दौर में दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना बिना आधुनिक हेलमेट के किया था। यही कहानियां वैभव के भीतर साहस और आत्मविश्वास भरने का काम करती थीं।
वैभव ने बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि कई बार लगातार बाउंसर गेंदें आने पर उन्हें निराशा भी होती थी, लेकिन उनके पिता हमेशा उन्हें यह याद दिलाते थे कि महान खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों से भागते नहीं, बल्कि उनका सामना करते हैं। इसी सीख ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपनी बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई है। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में निडर अंदाज में बल्लेबाजी की और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में उनकी 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था।
दिलचस्प बात यह रही कि उस मुकाबले से पहले वैभव ने सुनील गावस्कर के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया था। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित रहा। बाद में गावस्कर ने भी युवा बल्लेबाज की जमकर प्रशंसा की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य बताया।
बिहार के समस्तीपुर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले वैभव की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने शुरुआती दिनों से ही बेटे की प्रतिभा को पहचान लिया था और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसके क्रिकेट सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। नियमित अभ्यास, लंबी यात्राएं और मानसिक मजबूती की सीख ने ही वैभव को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी केवल एक युवा बल्लेबाज के रूप में नहीं उभरे हैं, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया है कि प्रतिभा के साथ सही संस्कार और मजबूत मानसिकता किसी खिलाड़ी को असाधारण बना सकती है। उनके पिता द्वारा सुनाई गई सुनील गावस्कर की कहानियां आज मैदान पर उनके आत्मविश्वास में साफ दिखाई देती हैं।













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