नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देने और रुपये पर दबाव कम करने के लिए लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का स्वर्ण भंडार बेच दिया है।
आरबीआई ने बुधवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा कि उसके स्वर्ण भंडार की भौतिक मात्रा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। केंद्रीय बैंक के अनुसार उसके पास वर्तमान में 880.52 टन सोना सुरक्षित है और सोने की बिक्री संबंधी रिपोर्टें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
दरअसल, एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषण में सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया था कि मई के दूसरे पखवाड़े में आरबीआई ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि की होगी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद वित्तीय बाजारों में चर्चा तेज हो गई थी।
हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया कि उसने अपने स्वर्ण भंडार का कोई हिस्सा नहीं बेचा है। केंद्र सरकार ने भी इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी खबरों में कोई तथ्य नहीं है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इस दावे को फर्जी करार दिया। पीआईबी ने कहा कि आरबीआई के स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है और 12 अरब डॉलर का सोना बेचने संबंधी खबर भ्रामक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण परिसंपत्तियों के मूल्य में उतार-चढ़ाव को कुछ विश्लेषणों में गलत तरीके से सोने की बिक्री से जोड़ दिया गया। हाल के सप्ताहों में वैश्विक बाजारों में सोने और अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यों में बदलाव का असर विदेशी मुद्रा भंडार के कुल मूल्यांकन पर भी पड़ा है।
इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि भारत के स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं हुई है और आरबीआई ने अपने सोने के भंडार की बिक्री नहीं की है।
स्रोत : आरबीआई, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी), रॉयटर्स। (reuters.com)













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