डेस्क : हिंदी सिनेमा की वरिष्ठ अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने अपने करियर के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब सुपरहिट फिल्मों की नायिका रहने के बावजूद उन्हें जीविका चलाने के लिए मात्र 2500 रुपये में लावणी नृत्य करना पड़ा था।
हाल ही में एक टेलीविजन कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अरुणा ईरानी ने अपने संघर्षपूर्ण दिनों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फिल्म ‘बॉम्बे टू गोवा’ और ‘कारवां’ की सफलता के बाद उन्हें लगा था कि उनके करियर को नई दिशा मिलेगी, लेकिन इसके विपरीत उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिला।
अरुणा ईरानी ने कहा कि दोनों फिल्में बड़ी सफल रहीं, लेकिन इसके बाद अचानक ऐसा समय आया जब लगातार तीन वर्षों तक उनके पास कोई काम नहीं था। उन्होंने बताया कि जब उन्हें दोबारा काम मिला तो वह एक मराठी फिल्म में लावणी नृत्य का अवसर था।
अभिनेत्री ने कहा कि उस समय उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आत्मविश्वास बनाए रखने की थी। उन्होंने यह सोचकर काम स्वीकार किया कि केवल इंतजार करने से अवसर नहीं मिलेंगे और उन्हें लोगों को यह दिखाना होगा कि वह अब भी सक्रिय हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने मराठी फिल्म निर्माता दादा कोंडके की फिल्म ‘आंधळा मारतो डोळा’ में लावणी प्रस्तुति दी।
अरुणा ईरानी ने स्वीकार किया कि एक समय वह अमिताभ बच्चन के साथ नायिका के रूप में काम कर चुकी थीं और बाद में 2500 रुपये में लावणी करने की स्थिति में पहुंच गईं, लेकिन उन्होंने इसे अपने आत्मसम्मान या संघर्ष के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। उनका मानना है कि उसी निर्णय ने उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोले और धीरे-धीरे उन्हें फिर से काम मिलने लगा।
भारतीय सिनेमा में छह दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहीं अरुणा ईरानी ने अपने करियर में नायिका, चरित्र अभिनेत्री, हास्य कलाकार और टेलीविजन कलाकार के रूप में अलग-अलग भूमिकाओं में पहचान बनाई है। उनकी यह कहानी फिल्म उद्योग में सफलता और संघर्ष के बदलते दौर की एक प्रेरक मिसाल मानी जा रही है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत