डेस्क : भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने सोमवार को इंडिया गठबंधन की रणनीति बैठक पर तीखा हमला बोलते हुए विपक्षी दलों पर मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कभी बड़े-बड़े स्टेडियमों में आयोजित होने वाली विपक्षी बैठकों का दायरा अब कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के एक कमरे तक सीमित हो गया है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पात्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता फूलों के गुलदस्तों के साथ ऐसे एकत्रित हुए मानो कोई बहुत बड़ी रणनीतिक बैठक होने जा रही हो। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पहले ये बैठकें स्टेडियमों में होती थीं, जहां सभी नेता हाथ पकड़कर एकता का प्रदर्शन करते थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि गठबंधन की बैठकें कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के एक कमरे में सिमट गई हैं।
पात्रा की यह टिप्पणी उस बैठक के बाद आई जिसमें इंडिया गठबंधन के 23 विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता तथा आर्थिक मुद्दों समेत विभिन्न विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की।
भाजपा सांसद ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने के बाद हर बार एक ही आरोपों की “रिकॉर्डिंग” चलाता है। पात्रा ने कहा कि तमिलनाडु और केरल में भी एसआईआर हुआ था, लेकिन वहां विपक्ष ने इस प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में हार के बाद ही विपक्ष एसआईआर का मुद्दा उठा रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पात्रा ने कहा कि वह चुनाव हारने का “शतक” लगा चुके हैं, फिर भी ऐसा व्यवहार कर रहे हैं मानो उन्होंने कोई बड़ी राजनीतिक विजय हासिल कर ली हो। उन्होंने कहा कि यदि इंडिया गठबंधन ने वास्तव में कुछ खोया है तो वह जनता का विश्वास और अपनी राजनीतिक साख है।
पात्रा ने दावा किया कि गठबंधन के कई घटक दलों का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और इसी कारण जनता ने उन्हें समर्थन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले अपने भीतर के मतभेद दूर करने चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस में कथित आंतरिक कलह का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यदि धुआं दिखाई दे रहा है तो कहीं न कहीं आग भी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस को पहले अपने आंतरिक विवादों पर चर्चा करनी चाहिए।
पात्रा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के हालिया बयानों का भी हवाला दिया और पूछा कि क्या गहलोत तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच इस विषय पर कोई बंद कमरे में बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में इंडिया गठबंधन की बैठकों का उद्देश्य समझ से परे है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।













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