डेस्क : उद्योगपति अनिल अंबानी को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उनके खिलाफ व्यक्तिगत दिवालियापन (पर्सनल इनसॉल्वेंसी) की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी।
इस निर्णय के साथ ही अनिल अंबानी पर व्यक्तिगत वित्तीय दायित्वों को लेकर औपचारिक दिवालियापन प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, एसबीआई ने यह याचिका अनिल अंबानी द्वारा दी गई व्यक्तिगत गारंटियों और लंबित ऋणों की वसूली को आधार बनाकर दायर की थी। बैंक का कहना है कि संबंधित देनदारियों की वसूली अब व्यक्तिगत दिवालियापन प्रक्रिया के तहत ही संभव है।
एनसीएलटी के इस आदेश के बाद अब अनिल अंबानी ने इसे चुनौती देने का निर्णय लिया है और वे इस मामले में ऊपरी अदालत में अपील दायर करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियाँ विभिन्न बैंक ऋण विवादों, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और वित्तीय दबावों का सामना कर रही हैं। इसी क्रम में यह मामला एक और महत्वपूर्ण कानूनी चरण में पहुँच गया है।













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