डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को भी ईंधन के दाम स्थिर रखे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर घरेलू बाजार पर दिखने में कुछ समय लग सकता है। पेट्रोल और डीजल के दाम केवल क्रूड ऑयल की कीमतों पर ही निर्भर नहीं करते, बल्कि रुपये की विनिमय दर, कर संरचना, परिवहन लागत और तेल कंपनियों के मार्जिन जैसे कई कारक भी इन्हें प्रभावित करते हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अन्य महानगरों में भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई चरणों में बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद उपभोक्ताओं को राहत का इंतजार है। हालांकि हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया था कि आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है, यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे बनी रहती हैं और आपूर्ति संबंधी जोखिम कम होते हैं, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है।













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