वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को संकेत दिया कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता संपन्न हो जाता है, तो ईरान के रणनीतिक महत्व वाले खार्ग द्वीप पर किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता नहीं रहेगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के प्रयास तेज हुए हैं।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं तो खार्ग द्वीप के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान का प्रश्न ही नहीं उठेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है।
ट्रंप ने दावा किया कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल जाएगा और क्षेत्र में तेल आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान अमेरिकी प्रयासों से लाखों बैरल तेल सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के दिनों में बढ़े सैन्य दबाव के कारण ईरान बातचीत की मेज पर आने को तैयार हुआ है। उनके अनुसार अमेरिकी कार्रवाइयों ने ईरान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व ढांचे को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने सैन्य स्तर पर अपने लक्ष्य काफी पहले हासिल कर लिए थे और अब ईरान के पास अपने देश के पुनर्निर्माण तथा आर्थिक सुधार के लिए समझौते का रास्ता अपनाने का अवसर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान का वर्तमान नेतृत्व व्यवहारिक दृष्टिकोण अपना रहा है और समझौते के लिए तैयार है।
इस दौरान ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ अमेरिका के बेहतर होते संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में तेल अमेरिकी शहर ह्यूस्टन पहुंच रहा है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
ट्रंप के बयान ऐसे समय आए हैं जब हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई थी। हालांकि उनके ताजा बयान से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन अब टकराव की बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना चाहता है। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने अभी किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की है और वार्ता प्रक्रिया जारी रहने की बात कही है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत