नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होने वाले 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जी-7 सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में यह भारत की 13वीं भागीदारी होगी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विदेश मंत्रालय में पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने गुरुवार को आयोजित विशेष ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के निमंत्रण पर फ्रांस जा रहे हैं। 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले सम्मेलन में भारत को भागीदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत की निरंतर भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भारत की भूमिका और योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मान्यता मिल रही है। सम्मेलन के आउटरीच सत्रों में प्रधानमंत्री मोदी अन्य आमंत्रित देशों के नेताओं के साथ विभिन्न वैश्विक विषयों पर चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष फ्रांसीसी अध्यक्षता वाले जी-7 सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के नवीनीकरण, विकास सहयोग, संतुलित एवं साझा आर्थिक विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, संगठित अपराध से मुकाबला तथा प्रमुख भू-राजनीतिक संकटों के समाधान जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की जी-7 देशों के नेताओं, भागीदार देशों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 13 और 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में रहेंगे, जहां वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ भारत-फ्रांस संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों देशों के प्रमुख स्टार्टअप और निवेशक भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित होने वाले यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप आयोजन ‘विवाटेक’ में भी भाग लेंगे। इस दौरान भारत को नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और उद्यमिता के वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और अन्य द्विपक्षीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत