डेस्क : फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट ने अपने जेल अनुभव को लेकर एक बार फिर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद उन्हें सामाजिक स्तर पर कई बदलावों का सामना करना पड़ा, खासकर निजी रिश्तों में।
विक्रम भट्ट के अनुसार, जब वे एक कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार होकर लगभग 70 दिनों तक जेल में रहे, तो यह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए जहां एक ओर उन्हें कई कैदियों से सहयोग और मानवीय समर्थन मिला, वहीं बाहर की दुनिया का व्यवहार पूरी तरह बदल गया।
उन्होंने दावा किया कि जेल से रिहाई के बाद उनके कुछ पुराने मित्रों ने उनसे दूरी बना ली और बातचीत तक बंद कर दी। भट्ट के अनुसार, यह अनुभव उनके लिए केवल कानूनी या व्यक्तिगत संकट नहीं था, बल्कि इसने उन्हें रिश्तों की वास्तविकता और समाज के व्यवहार को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर दिया।
फिल्मकार ने यह भी कहा कि जेल के अंदर का अनुभव उनके लिए बेहद अलग था, जहां उन्होंने आम कैदियों के बीच आपसी सहयोग और संवेदनशीलता भी देखी।
विक्रम भट्ट का यह बयान एक बार फिर उनके निजी जीवन और जेल में बिताए गए समय को लेकर चर्चा में है।













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