डेस्क : पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने विभिन्न शेयर बाजारों में सूचीबद्ध शेयरों के लिए मूल्य दायरा (प्राइस बैंड) और पूर्व-आरंभिक नीलामी मूल्य निर्धारण प्रणाली को एकरूप बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का उद्देश्य विभिन्न बाजारों में एक ही शेयर के मूल्य में उत्पन्न होने वाले अंतर को समाप्त करना तथा निवेशकों के लिए अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सेबी ने अपने परामर्श पत्र में कहा है कि कुछ कम कारोबार वाले शेयरों में यह देखा गया है कि एक बाजार में लेन-देन होने और दूसरे में कारोबार नहीं होने के कारण समापन मूल्य में बड़ा अंतर उत्पन्न हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप अगले कारोबारी दिवस के लिए निर्धारित मूल्य दायरे और आधार मूल्य में भी भिन्नता आ जाती है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यदि किसी शेयर में किसी एक बाजार में कारोबार नहीं होता, तो उस बाजार में अगले दिन का मूल्य दायरा उस बाजार के समापन मूल्य के आधार पर तय किया जाएगा जहाँ उस शेयर में वास्तविक कारोबार हुआ हो। यदि एक से अधिक बाजारों में कारोबार हुआ हो, तो सर्वाधिक कारोबार वाले बाजार के समापन मूल्य को आधार माना जाएगा।
सेबी का मानना है कि इस व्यवस्था से मूल्य निर्धारण अधिक सुसंगत होगा, कृत्रिम मूल्य अंतर कम होंगे तथा निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा। नियामक ने इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक सुझाव भी आमंत्रित किए हैं।













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