अयोध्या : अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया है, जिसे 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर कुछ शिकायतें और आरोप सामने आए थे। इन आरोपों में चढ़ावे की राशि और अन्य भेंट सामग्री के रखरखाव तथा लेखा-जोखा में कथित गड़बड़ियों का दावा किया गया है। मामले के सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच कराने का फैसला लिया।
अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी सभी संबंधित दस्तावेजों, रिकॉर्ड और शिकायतों की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य पक्षों से पूछताछ भी की जाएगी। जांच का उद्देश्य आरोपों की सत्यता का पता लगाना और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
इस बीच, मंदिर प्रशासन ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाती हैं।
एसआईटी को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।













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