मुंबई : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कांग्रेस से अलग होकर बने राजनीतिक दलों और नेताओं से पुनः कांग्रेस के साथ आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने के लिए कांग्रेस का सशक्त होना आवश्यक है।
राउत ने वरिष्ठ नेता शरद पवार से इस दिशा में पहल करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस से निकलकर बने विभिन्न दलों को एक बार फिर मूल पार्टी के साथ जुड़ने पर विचार करना चाहिए। उनका मानना है कि भाजपा के खिलाफ प्रभावी राजनीतिक विकल्प तैयार करने के लिए विपक्षी दलों की व्यापक एकजुटता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कमजोर या अप्रासंगिक मानना वास्तविकता से परे है। कांग्रेस आज भी देश की सबसे बड़ी विपक्षी राजनीतिक शक्तियों में से एक है और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है। राउत के अनुसार, जिन नेताओं और दलों की राजनीतिक विचारधारा कांग्रेस से जुड़ी रही है, उन्हें साझा उद्देश्य के लिए एक मंच पर आने का प्रयास करना चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि शरद पवार के लंबे राजनीतिक अनुभव और विभिन्न दलों में उनकी स्वीकार्यता को देखते हुए वे इस प्रकार की पहल का नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समान विचारधारा वाले दल एकजुट होते हैं तो इससे विपक्ष को नई ताकत मिल सकती है।
राउत के इस बयान के बाद महाराष्ट्र सहित राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी एकता और संभावित राजनीतिक पुनर्संयोजन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि विभिन्न दलों की ओर से अभी तक किसी औपचारिक पहल या विलय की संभावना की पुष्टि नहीं की गई है।













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