डेस्क : सोने की कीमतों में हाल के दिनों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों और आम खरीदारों के बीच यह सवाल फिर चर्चा में है कि क्या आने वाले समय में सोना 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं दूसरी ओर, मौजूदा गिरावट को लेकर “खरीदारी का सही समय” है या नहीं, इस पर भी बाजार में अलग-अलग राय सामने आ रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के संकेतों के चलते सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में हाल की गिरावट ने निवेशकों को अल्पकालिक अनिश्चितता में डाल दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट एक अस्थायी सुधार (करेक्शन) हो सकती है, जबकि लंबी अवधि में मांग मजबूत बनी रह सकती है। भारत जैसे देशों में त्योहारों, शादी-ब्याह के सीजन और निवेश मांग के कारण सोने की खपत लगातार बनी रहती है, जिससे कीमतों को समर्थन मिलता है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता या मुद्रास्फीति का दबाव फिर बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में दोबारा तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, निकट भविष्य में ब्याज दरों की नीति और डॉलर की स्थिति सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस बीच, घरेलू बाजार में गिरावट को कुछ निवेशक “खरीदारी का अवसर” मान रहे हैं, जबकि अन्य अभी और स्पष्ट संकेतों का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।













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