डेस्क : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने की प्रक्रिया के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। निर्धारित अंतिम समयसीमा से ठीक पहले उनके सरकारी बंगले से सीसीटीवी कैमरे हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल और तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह कदम उस समय उठाया गया है जब राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देश के तहत राबड़ी देवी को निर्धारित तिथि तक आवास खाली करना है। प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि आवास हस्तांतरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, आवास खाली कराने की समयसीमा समाप्त होने से पहले ही बंगले में मौजूद सुरक्षा और निगरानी से जुड़े उपकरणों को हटाया जा रहा है। साथ ही, परिसर में शिफ्टिंग और हैंडओवर से संबंधित तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, यह आवास अब किसी अन्य अधिकारी को आवंटित किया जा चुका है और राबड़ी देवी को वैकल्पिक सरकारी आवास पहले ही दिया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और इसे सत्ता बनाम विपक्ष की बड़ी सियासी टकराहट के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि निर्धारित समयसीमा तक बंगला पूरी तरह खाली होता है या नहीं।













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