डेस्क : महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 के प्रश्नपत्र कथित लीक मामले ने राज्य में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले सामने आए इस मामले के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में कुछ लोगों के पास परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बरामद दस्तावेजों के कुछ प्रश्न परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। छापे के दौरान मौके पर परीक्षा परिषद के अधिकारी भी बुलाए गए, जिन्होंने दस्तावेजों की जांच कर मामले को गंभीर माना। इसके बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने प्रश्नपत्र को भारी रकम में बेचने की योजना बनाई थी। प्रारंभिक रिपोर्टों में लगभग 1.5 करोड़ रुपये में पेपर की डील करने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
घटना के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा राज्य भर के हजारों केंद्रों पर आयोजित की जानी थी, जिसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। अचानक लिए गए इस फैसले से अभ्यर्थियों में नाराजगी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जा सके।
विपक्ष पहले ही इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच एसआईटी करेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।













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