मुंबई : महाराष्ट्र सरकार की चर्चित मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना में बड़ा बदलाव सामने आया है। योजना के तहत लाभ पाने वाली करीब 92 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। सरकार ने यह कदम ई-केवाईसी और पात्रता जांच प्रक्रिया के बाद उठाया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में कई ऐसे लाभार्थी पाए गए जो योजना के तय नियमों और पात्रता मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। शुरुआत से ही यह योजना महाराष्ट्र की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में शामिल रही है। सरकार का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता का लाभ केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक पहुंचे।
ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान कई मामलों में दस्तावेजों की कमी, पात्रता शर्तों में बदलाव या अन्य कारणों के चलते लाभार्थियों को सूची से बाहर किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना जारी रहेगी और पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहेगा।
वहीं, विपक्ष ने बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि जांच के नाम पर जरूरतमंद महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। सरकार की ओर से हालांकि कहा गया है कि यह कार्रवाई पारदर्शिता बनाए रखने और योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए की गई है।
राजनीतिक नजरिए से भी लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र में काफी अहम मानी जाती है। विधानसभा चुनाव के दौरान यह योजना महिला मतदाताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय रही थी। अब लाभार्थियों की संख्या में आई कमी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।













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