काबुल:पाकिस्तान और सीरिया आज अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इसके मुताबिक, जो राजनीतिक तौर पर शुरू हुआ था, वो अब दो नार्को-स्टेट को जन्म दे चुका है। आज ये अपने टारगेट को हासिल करने के लिए आतंकवादी और चरमपंथी समूहों के साथ काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके चलते मध्य पूर्व, एशिया और यूरोप की सुरक्षा आज खतरे में है। चीन के साथ ईरान और सऊदी अरब के शांति समझौते के कई कारण थे। इसके चलते ही 12 साल के निलंबन के बाद बशर अल-असद के सीरिया की अरब लीग में बहाली हुई।
लेख के अनुसार, सऊदी अरब और ईरान के बीच यह शांति समझौता यमन और सीरिया का युद्ध खत्म कर सकता है। यह लड़ाई सऊदी अरब और ईरान के बीच छद्म संघर्ष के रूप में काम करती रही। बता दें कि टाइम्स ऑफ इजराइल यहां का ऑनलाइन न्यूजपेपर है जिसे 2012 में लॉन्च किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सीरियाई गृहयुद्ध के जरिए असद को हटाने का प्रयास किया, मगर अनजाने में इसने उन्हें मजबूत करने का काम किया। विश्व के अधिकांश लोगों के लिए अछूत होने के नाते असद संप्रभु राज्यों के दायित्वों और अधिकारों के अधीन नहीं रहे। वह किसी को भी तेल बेचने में असमर्थ थे। इसके चलते सीरिया कैप्टागन का दुनिया का शीर्ष उत्पादक बन गया है। इससे सीरियाई सरकार के लिए नकदी में काफी बढ़ोतरी हुई। मालूम हो कि कैप्टागन का इस्तेमाल यूरोप और मध्य पूर्व के कुछ देशों में काफी बढ़ा है। कैप्टागन मध्य-पूर्व के अमीर शहजादों और रईस युवाओं के बीच लोकप्रिय मनोरंजक ड्रग्स में से एक है।
पाकिस्तान बना गया मेन ट्रांजिट नेशन
सीरिया वह देश है, जिसने तालिबान की ओर से काबुल पर कब्जा करने को बढ़ावा दिया। वहीं, अफगानिस्तान के अफीम उत्पादक हॉटस्पॉट हेलमंद और कंधार के लिए पाकिस्तान मेन ट्रांजिट नेशन बन चुका है, जिसके साथ यह सबसे लंबी सीमा साझा करता है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रग्स को पाकिस्तान में स्थापित नेटवर्क के जरिए डूरंड लाइन से बंदरगाहों और अन्य भूमि व जल सीमाओं तक पहुंचाया जाता है। यहां से यह ड्रग्स एशिया, फारस की खाड़ी, अफ्रीका और पूर्वी व पश्चिमी यूरोप के बाजारों में भेजा जाता है।
पाकिस्तान से होकर अफीम की तस्करी के लिए खाड़ी क्षेत्र हेरोइन बाजार और ट्रांसशिपमेंट सेंटर के तौर पर काम करता है। यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम और नीदरलैंड दक्षिणी मार्ग से तस्करी के मेन टारगेट हैं, जो हाल के वर्षों में यूरोप में अधिक पॉपुलर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम की सीमाओं पर 10 किलोग्राम या उससे अधिक की जब्ती में से 84 प्रतिशत हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान से की जाती है। पहले स्पेन और इटली सहित कई देशों को मुख्य रूप से बाल्कन रूट से अफीम की सप्लाई होती थी, लेकिन हाल ही में अफगानिस्तान से होते हुए पाकिस्तान प्रमुख मार्ग बना है।













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