• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  

भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  

July 6, 2023
ममता बनर्जी

एग्जिट पोल पर ममता बनर्जी का प्रहार, बोलीं—टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर बनाएगी सरकार

April 30, 2026
यात्रियों की नाक से बहने लगा खून, कान में दर्द; विमान में अफरा-तफरी

एटीएफ दरों पर सरकार का अगला कदम आज, एयरलाइंस में बेचैनी

April 30, 2026
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा, असम सीएम की पत्नी से जुड़े केस में नई कानूनी जंग

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

April 30, 2026
वंदे मातरम् पर सियासत तेज, संजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना

सियासत में हलचल: संदीप पाठक के जाने पर संजय सिंह का बड़ा बयान

April 30, 2026
वेपिंग विवाद में फंसे रियान पराग, मैच फीस का 25% जुर्माना; आगे सख्त कार्रवाई संभव

वेपिंग विवाद में फंसे रियान पराग, मैच फीस का 25% जुर्माना; आगे सख्त कार्रवाई संभव

April 30, 2026
समय-प्रबंधन से ही मिलती है सफलता : मुनि श्री तत्त्व रुचि ‘तरुण’

समय-प्रबंधन से ही मिलती है सफलता : मुनि श्री तत्त्व रुचि ‘तरुण’

April 30, 2026
हुबली में पत्नी के अत्याचार से तंग आकर आत्महत्या, सुसाइड नोट में आरोप

इंदौर में दर्दनाक घटना: पॉकेट मनी को लेकर नाराज 16 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या

April 30, 2026
प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू की वाराणसी, बजट ₹1300 करोड़

खुद से भी प्रतिस्पर्धा करती हूं, हर चुनौती से सीखकर आगे बढ़ती हूं: प्रियंका चोपड़ा

April 30, 2026
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा: एक और हत्या से गहराया संकट

अहमदाबाद में 34 साल पुराने मर्डर केस का खुलासा

April 30, 2026
अज्ञात हमलावरों का हमला, सलमान अजहर पाकिस्तान में ढेर

अज्ञात हमलावरों का हमला, सलमान अजहर पाकिस्तान में ढेर

April 30, 2026
विक्रम दोराईस्वामी ने राष्ट्रपति मुर्मू को प्रस्तुत किए परिचय पत्र, बने चीन में भारत के नए राजदूत

विक्रम दोराईस्वामी ने राष्ट्रपति मुर्मू को प्रस्तुत किए परिचय पत्र, बने चीन में भारत के नए राजदूत

April 30, 2026
“भारतीय क्रिकेट की जीत की लय जारी रहेगी” : रोहित शर्मा

रोहित शर्मा के जन्मदिन पर बीसीसीआई ने दी शुभकामनाएं, करियर के शानदार आंकड़ों का किया जिक्र

April 30, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Thursday, April 30, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home आराधना-साधना

भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  

महातपस्वी आचार्यश्री ने नवदीक्षित चारित्रात्माओं को प्रदान की बड़ी दीक्षा (छेदोपस्थापनीय चारित्र) 

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
July 6, 2023
in आराधना-साधना
Reading Time: 1 min read
A A
0
भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  
भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  
भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  
भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  
भगवती सूत्र द्वारा आचार्यश्री प्रतिपादित कर रहे ज्ञान के सूत्र  
मुंबई: जन-जन के मानस को आध्यात्मिक ज्ञान से आलोकित करने वाले, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अनुशास्ता अध्यात्म जगत के महागुरु आचार्यश्री महाश्रमणजी ने गुरुवार को नन्दनवन में समुपस्थित जनता को जीवन के गहरे सूत्रों को प्रदान किया। साथ ही कालूयशोविलास का सरसशैली में आख्यान कर श्रद्धालुओं का भावविभोर बनाया। तदुपरान्त आचार्यश्री ने 29 जून को दीक्षित होने वाले नवदीक्षित चारित्रात्माओं को बड़ी दीक्षा (छेदोपस्थापनीय चारित्र) प्रदान कर उन्हें संयम पथ पर अग्रसर होने की पावन प्रेरणा भी प्रदान की।
नन्दनवन में महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी के विराजमान होने से ही यह वन परिसर गुलजार हो गया है। नित्य प्रति गूंजती आगम की मंगलवाणी से जन-जन के मानस को असीम शांति का अनुभव हो रहा है तो समूचा वन्य क्षेत्र का वातावरण भी अध्यात्म की ज्योति से जगमग हो रहा है।
गुरुवार को तीर्थंकर समवसरण में समुपस्थित जनता को महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अपनी मंगलवाणी से भगवती सूत्राधारित पावन प्रवचन में कहा कि जैन दर्शन में आत्मवाद का सिद्धांत प्राप्त होता है। इस लोक में अनंत आत्माएं हैं। अनंत-अनंत जीव इस लोकाकाश में भरे पड़े हैं। प्रत्येक जीव के असंख्य प्रदेश होते हैं। आत्मा के प्रदेश का विस्तार हो तो वह इतना हो सकता है कि एक अकेली आत्मा पूरे लोक को ढंक सकती है, और संकुचित हो तो कुंथु नामक जीव में भी सामहित हो जाती है। भगवती सूत्र में प्रश्न किया गया कि क्या हाथी और कुंथु का जीव समान है क्या? उत्तर दिया गया कि हां दोनों के जीव समान होते हैं। यह समानता आत्मा के प्रदेश के आधार बताई गई है। यह समानता न शारीरिक रूप में है, ना ही बल अथवा किसी रूप में, यह समानता केवल आत्मा प्रदेशों के रूप में है जो विस्तारित होता है तो हाथी जैसे विशालकाय जानवर में समा जाता है और लघुता अथवा संकुचित होता है तो कुंथु अथवा चींटी में भी समाविष्ट हो जाता है। जिस प्रकार एक अंधेरे कमरे में दीपक जलाया जाता है तो उसका प्रकाश पूरे कमरे में फैल जाता है। जब उस दीपक को किसी पात्र से ढंक दिया जाता है तो उसका प्रकाश वहीं तक सीमित हो जाता है, इसी प्रकार आत्मा के प्रदेश विस्तार करें तो सारे लोक को ढंग ले सकता है और संकुचन करती है तो कुंथु/चींटी आदि मामूली जीव में भी समाविष्ट हो सकती है।
इससे आदमी को यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जब, जहां जैसे स्थान मिले, उतने में अपने आपको को समाविष्ट करने का प्रयास करना चाहिए। चारित्रात्माएं इस बात का ध्यान तो रखते हैं, फिर भी प्रेरणा ली जा सकती है कि कभी कम स्थान भी प्राप्त हो जाए तो उसमें समाहित होने का प्रयास होना चाहिए। इस प्रकार आत्मा का यह सिद्धांत जैन दर्शन में प्राप्त होता है कि आत्मा के प्रदेश विस्तार और संकुचन कर सकते हैं। आचार्यश्री ने कालूयशोविलास के आख्यान शृंखला को आगे बढ़ाते हुए प्रसंगों का सरसशैली में वाचन किया।
आचार्यश्री ने मंगल प्रवचन के उपरान्त बालमुनि मुनि नमनकुमारजी व मुनि पार्श्वकुमारजी को बुलाकर उनसे आज के प्रवचन से संबंधित प्रश्न को पूछा और उत्तर प्राप्त होने पर विविध प्रेरणाएं भी प्रदान की। यह दृश्य देखकर जनता अभिभूत नजर आ रही थी।
तदुपरान्त आचार्यश्री ने 29 जून को इस परिसर में दीक्षित होने वाले नवदीक्षित मुनि विपुलकुमारजी व साध्वी समत्वप्रभाजी व साध्वी वैराग्यप्रभाजी को आर्षवाणी का समुच्चारण करते हुए पांच महाव्रतों का तीन करण तीन योग से त्याग कराते हुए बड़ी दीक्षा (छेदोपस्थापनीय चारित्र) प्रदान की। आचार्यश्री ने दीक्षा प्रदान करने के उपरान्त नवदीक्षित साधु, साध्वियों व समणियों को विविध प्रेरणा प्रदान की। नवदीक्षित साधु-साध्वियों व समणियों ने आचार्यश्री को सविधि वंदन कर पावन आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने सुगुरु से दीक्षा व प्रेरणा प्राप्त करने के उपरान्त मुनि विपुलकुमारजी, साध्वी समत्वप्रभाजी व साध्वी वैराग्यप्रभाजी ने अपनी-अपनी आस्थासिक्त अभिव्यक्ति दी। नवदीक्षित समणी समत्वप्रज्ञाजी, समणी आर्जवप्रज्ञाजी, समणी अभयप्रज्ञाजी व समणी स्वातिप्रज्ञाजी ने अपनी प्रस्तुति दी।
Previous Post

आरजेडी नेता को सरेआम मारी गोली, लालू परिवार का करीबी रिश्तेदार

Next Post

राजनीति में बूढ़ा आदमी रिटायर नहीं होता, शरद पवार पर बोलते हुए लालू यादव ने क्या संकेत दिए?

Next Post
लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद रांची के RIMS से दिल्ली के AIIMS शिफ्ट किये गए

राजनीति में बूढ़ा आदमी रिटायर नहीं होता, शरद पवार पर बोलते हुए लालू यादव ने क्या संकेत दिए?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • एग्जिट पोल पर ममता बनर्जी का प्रहार, बोलीं—टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर बनाएगी सरकार
  • एटीएफ दरों पर सरकार का अगला कदम आज, एयरलाइंस में बेचैनी
  • पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
  • सियासत में हलचल: संदीप पाठक के जाने पर संजय सिंह का बड़ा बयान
  • वेपिंग विवाद में फंसे रियान पराग, मैच फीस का 25% जुर्माना; आगे सख्त कार्रवाई संभव
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In