मुंबई:राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) इन दिनों अपने भतीजे अजित पवार की बगावत का सामना कर रहे हैं। इस बीच उन्होंने कई खुलासे भी किए हैं। सीनियर पवार ने कहा है कि 2014 और 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से उनकी बात शुरू हुई थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने इसका कारण भी बताया है। आपको बता दें कि अजित पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है। साथ ही उन्होंने अपने चाचा के उम्र का हवाला देते हुए रिटायरमेंट की नसीहत दी थी।
न्यूज चैनल आज तक को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अजित पवार पर हमला बोला। उन्होंने रिटायरमेंट की सलाह पर कहा, ‘अजित पवार कौन होते हैं मुझे रिटारयमेंट की सलाह देने वाले। मैं अभी भी काम कर सकता हूं। मैं काम कर रहा हूं। महाराष्ट्र में सरकार बीजेपी चलाएगी। दिल्ली से फरमान आएंगे। मैं ना तो टायर्ड हुआ हूं और ना ही रिटायर हुआ हूं।’
इस दौरान शरद पवार ने खुलासा करते हुए कहा कि हमने 2014, 2017 औप 2019 के चुनाव में भाजपा के साथ चर्चा की थी, लेकिन फिर मैंने विचारधारा अलग होने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया। हमने बीजेपी से चर्चा कर कुछ भी गलत नहीं किया, क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। मैं भाजपा के साथ नहीं गया।”
NCP टूटी नहीं, शरद पवार की बैठक आधिकारिक नहीं: प्रफुल्ल पटेल
वहीं, इससे पहले एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी टूटी नहीं है और 30 जून को विधायक दल और संगठनात्मक इकाइयों ने अजित पवार को सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया है। पटेल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने 40 से अधिक विधायकों के हलफनामों के साथ भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को एक अर्जी सौंपी है, जिसमें अजित पवार की नियुक्ति के बारे में सूचित किया गया है और ”पार्टी के नाम और चिह्न” पर दावा किया गया है। उन्होंने दावा किया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली में शरद पवार द्वारा आयोजित राकांपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आधिकारिक नहीं थी।













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