नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस आपत्तिजनक बयान के बारे में बात की है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘आतंकवादी’ कहकर संबोधित किया था। उपराष्ट्रपति ने कांग्रेस अध्यक्ष पर जोरदार तंज किया है कि कभी-कभी उन्हें काले-सफेद का अंतर नहीं पता चलता और न ही वे आतंकवादी और आतंकवादियों के लिए आतंक में ही भेद कर पाते हैं। खरगे के बयान के खिलाफ यह देश में अबतक के सबसे शीर्ष स्तर से आई प्रतिक्रिया है।
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर उपराष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को एक कार्यक्रम में सिलसिले में कर्नाटक के बीदर में थे। यहीं पर उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से दिए गए आपत्तिजनक बयान का मुद्दा उठाया और मल्लिकार्जुन खरगे को बिना पीएम मोदी का नाम लिए बताया कि उनको लेकर आतंकवादियों के मन में किस तरह का खौफ बन चुका है।
पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ कहने पर बवाल
- मंगलवार को चेन्नई में एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ कह दिया था।
- फौरन बाद ही उन्होंने सफाई देनी शुरू की कि पीएम मोदी ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष को आतंकित करते हैं, लेकिन ‘मैंने कभी भी उन्हें आतंकवादी नहीं कहा’।
- तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन खरगे की आपत्तिजनक टिप्पणी के बचाव में कांग्रेस के कई नेताओं ने उतरने की कोशिश की।
- लेकिन, बीजेपी के मंत्री से लेकर पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस और खरगे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग शुरू कर दी।
बीजेपी की कांग्रेस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
बीजेपी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में बुधवार को चुनाव आयोग से भी मुलाकात की है और गहरा दुख और क्रोध जताते हुए इसे पूरे देश का अपमान बताया है। बीजेपी ने इस मामले में चुनाव आयोग से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। केंद्रीय संसदीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी है कि पार्टी ने चुनाव आयोग से कांग्रेस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।













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