लखनऊ:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में बिजली का भारी संकट होने से अस्पतालों में बीमार लोग व उनके ऑपरेशन और उपचार के लिए डॉक्टर भी बिजली की आवाजाही से त्रस्त हैं। भाजपा राज में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य इंडेक्स में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अखिलेश यादव इससे पहले इफ्तार पार्टी में भी शाहुल हुए। उन्होंने बिजली कटौती को लेकर कहा, भाजपा की दिल्ली और यूपी दोनों सरकारें मिलकर यूपी के लिए बिजली का कोटा नहीं ला सकतीं। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने बिजली खरीदने की व्यवस्था की होती, तो यूपी को अंधेरे में नहीं रहना पड़ता।
अखिलेश ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के दौरों से बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है। विज्ञापनों पर सब कुछ ठीकठाक है पर धरातल पर सब चौपट नजर आता है। तीमारदारों को खुद स्ट्रेचर खींचना पड़ रहा है। एंबुलेंस न मिलने बीमार बेटी को पिता पीठ पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। सरकारी अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज हो रहा है। ओपीड़ी में कभी डाक्टर नहीं बैठते तो कभी समय से पहले ही बंद हो जाती है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों रुपये आवंटित होने के बाद भी कहां जा रहा रहा पता नहीं? अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दूर की कौड़ी लग रहा है। मरीजों से अभद्रता, समय पर इलाज न मिलने और इलाज के नाम पर तमाम जांचों के नाम पर लूट खुलेआम हो रही है। निजी अस्पतालों के दलालों को छूट मिली हुई है। उन्होंने कहा कि मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाई का शोर बहुत हो रहा है पर सच यह है कि जनता को धोखा दिया जा रहा है। आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना जैसी बातें और दावे हवाई हैं। लोग त्रस्त हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार के बावजूद अस्पतालों में गंभीर बीमारियों की जांच के लिए लगे बड़े-बड़े यंत्र-उपकरण धूल खा रहे हैं।













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