नई दिल्ली:मेट्रो फेज चार में जगह की कमी के चलते एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को एक पिलर पर बनाया जाएगा। अब तक मेट्रो ने दो कॉरिडोर के 16 मेट्रो स्टेशनों को चिन्हित कर लिया है।
यह वे स्टेशन हैं जो घनी आबादी वाले इलाके से होकर गुजरते हैं। वहां जगह की भी कमी है। इसलिए मेट्रो प्रबंधन ने अपने पहले चरणों के निर्माण से सबक लेते हुए अब एक पिलर पर स्टेशन बनाने का फैसला लिया है। इससे स्टेशन बनाने के लिए कम जगह के साथ ही निर्माण के दौरान यातायात डायवर्जन की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये दोनों कॉरिडोर मौजूदा लाइनों के विस्तार हैं।
पहले तीन पिलर का प्रयोग हो रहा था
दरअसल, दिल्ली में अभी एलिवेटेड लाइन पर मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए तीन पिलर का प्रयोग होता आया है। एक स्टेशन के बिलकुल केंद्र में, जबकि दो उसके किनारे पर बनाए जाते थे। मगर फेज चार में बन रही दो लाइन जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम (मजेंटा लाइन विस्तार) उत्तरी और उत्तरी पश्चिमी दिल्ली के जिन इलाकों से होकर गुजर रही है, वहां बहुत घनी आबादी है। यहां जगह की कमी के साथ यातायात का डायवर्जन भी मुश्किल काम है। इसलिए मेट्रो प्रबंधन ने स्टेशन को एक पिलर पर बनाने का फैसला किया है।
इस लाइन पर कुल नौ स्टेशन को एक पिलर पर बनाया जाएगा। इसी तरह पिंक लाइन विस्तार (मौजपुर से मजलिस पार्क) कॉरिडोर पर कुल आठ स्टेशन हैं, जिनमें सात स्टेशन का एक पिलर पर निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर मेट्रो फेज चार में सबसे पहले 2023 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। 12.55 किलोमीटर के इस कॉरिडोर के बनने से पिंक लाइन को रिंग मेट्रो लाइन के नाम से जाना जाएगी। पूरी दिल्ली आपस में जुड़ जाएगी।













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