जुनैद अकोला का रहने वाला है और कबाड़ का काम करता था। वह कट्टरपंथी बनने के बाद LeT के संपर्क में आया था। इसके बाद संगठन में उसका कद बढ़ता गया और उसे कट्टरपंथी युवाओं को भर्ती करने का काम दिया गया। खबर है कि कुछ महीनों पहले परेशानी भांपने के बाद वह अकोला से पुणे आ गया था। महाराष्ट्र एटीएस ने मामले में 30 दिसंबर 2021 को मुक्त जांच शुरू की थी।
एजेंसी के अनुसार, जुनैद ने कम से कम पांच फर्जी फेसबुक प्रोफाइल तैयार की थी। खास बात है कि उसने सभी प्रोफाइल में अपनी ही तस्वीर का इस्तेमाल किया था, लेकिन सभी प्रोफाइल के नाम अलग थे। ATS का मानना है कि वह भर्ती किए गए युवाओं से संपर्क में बने रहने के लिए अलग-अलग सिम कार्ड्स का इस्तेमाल करता है। एजेंसी ने कम से कम 10 सिम कार्ड्स बरामद किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वह कट्टरपंथी युवाओं की फेसबुक प्रोफाइल की गहन जांच करता था। जुनैद पता लगाता था कि युवा खास विचारधारा का समर्थक है या नहीं। इसके बाद मैसेंजर पर चैट के लिए उन्हें तैयार करता था।













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